जिसकी आशंका थी वही हुआ, 55 वर्षीय कौशल्या भी बनी नरक्षी गुलदार का शिकार

जिसकी आशंका थी वही हुआ, 55 वर्षीय कौशल्या भी बनी नरक्षी गुलदार का शिकार

-कुलदीप राणा आजाद/रूद्रप्रयाग 
रूद्रप्रयाग। जनपद में आदमखोर गुलदार का हमला कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक दो महिलाओं समेत तीन व्यक्तियों को गुलदार अपना निवाला बना चुका है। कल सुबह पपड़ासु गांव की कौशल्या देवी घास लेने जंगल गई थी लेकिन वास नहीं लौट पाई। ग्रामीणों ने जंगल में देर शाम तक खोजबीन भी की लेकिन महिला का कहीं कोई पता नहीं लग पाया। जैसा कि अंदेशा पहले से जताया जा रहा था कि कई आदमखोर गुलदार ने तो महिला को निवाला नहीं बनाया। आज सुबह जब पुनः महिला की ढूँढखोज की गई तो पहले घने जंगल में खून से सन्ने कपड़ और फिर कुछ दूर जाकर महिला का क्षतविक्षत अदखाया शव बरामद हुआ। घटना से परिजन शोक की लहर में डूब गए हैं जबकि इलाके में दहशत का महौल है।

तीन लोगों को बना चुका है आदमखोर गुलदार अपना निवाला 
भरदार क्षेत्र में नरभक्षी गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं हो रहा है। पिछले माह सबसे पहले सतनी गाँव में नरभक्षी गुलदार ने एक अधेड़ व्यक्ति को अपना निवाला बनाया था और ठीक उसके तीन दिन बाद बाँसी गाँव में गुलदार ने एक जवान महिला को अपना शिकार बनाया। उसके बाद क्षेत्र में भारी दहशत का महौल बना हुआ है। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते हैं जबकि दिन में भी जंगल जाने को कतरा रहे हैं आदमखोर गुलदार ने जिस वक्त वक्त महिला को अपना निवाला बनाया था उस वक्त वहां महिला का पूरा समूह मौजूद था बावजूद वह महिला का शिकार करने में कामयाब रहा। ऐसे में महिलाओं का झुण्ड में जंगल जाना भी खतरनाक है। जिस कारण ग्रामीण घुट-घुट का जीने को मजबूर हो गए थे। हालांकि क्षेत्र में दो शिकारी भी तैनात किए गए थे लेकिन उनके द्वारा भी कुछ दिन की जदोजहद के बाद कोई सुराग न मिलने से वे भी वापस लौट गए। एक माह शांत रहने के अब पपड़ासू गांव में इस नरभक्षी गुलदार ने पुनः 55 वर्षी कौशल्या देवी को अपना शिकार बना दिया।

वन विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े
तीन लोगों की जिंदगियों को असमय ही लील लेने वाले आदमखोर गुलदार के आतंक से निजात दिलाने में जिला प्रशासन और वन विभाग की कार्यशैली कठघरे में है। पहले दो लोगों की जिंदगियों को समाप्त करने के बाद भी अब तक वन विभाग द्वारा आदमखोर गुलदार को मारने के लिए कोई कार्यावाही न करना यह दर्शाता है कि वन विभाग लोग जीवन को लेकर कितना संजीदा है। बहरहाल अब आने वाले दिनों एक और नरभक्षी गुलदार का शिकार न हो इसके लिए प्रशासन और वन विभाग को आदमखोर गुलदार के खात्मे के लिए गम्भीरता से कार्य करना होगा।

जिसकी आशंका थी वही हुआ, 55 वर्षीय कौशल्या भी बनी नरक्षी गुलदार का शिकार जिसकी आशंका थी वही हुआ, 55 वर्षीय कौशल्या भी बनी नरक्षी गुलदार का शिकार Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on December 06, 2019 Rating: 5
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