फिर आया था आदमखोर गुलदार


फिर आया था आदमखोर गुलदार

बासी गांव में आदमखोर गुलदार की शिकार बनी सुधा देवी का शव घटना स्थल पर


-कुलदीप राणा ‘‘आजाद’’/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। जखोली भरदार क्षेत्र में आतंक का प्राय बने आदमखोर गुलदार कल रात पुनः बांसी गांव में घटना
सतनी गांव में आदमखोर गुलदार 
की निवाला बना
मदन सिंह बिष्ट का शव 

घटना स्थल पर
स्थल पर आया था, लेकिन गांव के असलाधारी सही निशाना नहीं लगा पाया जिस कारण यह नरभक्षी गुलदार वहां से भाग निकला। तीन दिन के भीतर दो लोगों की जान ले चुके इस गुलदार से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग दोपहर में भी अब अकेला  घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। पहले सतनी गाँव में आदमखोर गुलदार ने 55 वर्षीय मदन सिंह बिष्ट को अपना निवाला बनाया वहीं दूसरा शिकार सतनी गांव के ही नीचे बांसी गांव में 32 वर्षीय सुधा देवी को अपना शिकार बना दिया। गुलदार द्वारा बनाये गए पहली ही घटना में ग्रामीणों ने वन विभाग से इसे तत्काल पकड़ने की मांगी थी। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अगर यह घटना की पहली रात नहीं पकड़ा जाता तो वह ऐसी ही घटना की पुनार्रावृति कर सकता है, और ग्रामीणाों की आशंका सही साबित हुइ और दो दिन बात कर बासी गांव की सुधा देवी को गुलदार ने अपना निवाला बनया। इस घटना से जहाँ पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है वहीं वन विभाग के खिलाफ भी लोगों का भारी आक्रोश पनप रहा है। हालांकि वन विभाग की ओर से कल ही इस आदमखोर गुलदार को मारने के निर्देश दे दिए गए थे जिसके बाद ग्रामीणों ने महिला का शव घटना स्थल पर ही रखा था और गाँव के ही लाइसेंस धारी सूटर भी यहां तैनात था कि आदमखोर गुलदार आए और उसे खत्म करें। रात करीब 11 बजे आदमखोर गुलदार शव के पास आया लेकिन सूटर निशाने को सही नहीं साध पाया जिस कारण वह वहां से भाग गया।

आदमखोर गुलदार पकड़ने के लिए बुलाया शिकारी, लगाए हैं तीन पिंजरेशव के साथ गुलदार को मारने की मांग करते ग्रामीण
शव के साथ गुलदार को मारने की मांग करते ग्रामीण
भरदार क्षेत्र में आतंक का प्रायः बने नरभक्षी गुलदार को पकड़ने के हालांकि वन विभाग ने पूरी टीम तैनात कर रखी है। वन विभाग के एसडीओ महिपाल सिरोही ने बताया कि सतनी और बासी गांव में अलग-अलग जगहों पर तीन पिंजरे लगा दिए हैं। जबकि इस आदमखोर गुलदार को मारने के लिए प्रसिद्ध शिकारी लखपत रावत को भी बुला दिया गया है। आज ही गांव में शिकारी तैनात किया जायेग और मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए आदमखोर गुलदार को मारने में तत्परता दिखाई जायेगी। 

खौफ के बीच चल रही ग्रामीणों की दिनचर्या 

जखोली विकास खण्ड के भरदार क्षेत्र में आदमखोर गुलदार ने लोगों को जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीण घरों में कैद हो गए है। यहां तक कि दिन के समय भी ग्रामीण अकेले बाहर निकले से कतरा रहे हैं। जबकि स्कूली छात्रों को भी दो-तीन किमी दूर सौंराखाल इंटर काॅलेज में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है कि जिस कारण छात्रों को स्कूलों जाने में भी खतरा बना है। तीन दिन में दो लोगों को अलग-अलग गावों में निवाला बनाना से पूरे क्षेत्र में दहशत का महौल है। जन अधिकार मंच के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी ने कहा कि वन विभाग तत्काल आदमखोर गुलदार को खत्म करें ताकि यह किसी अन्य लोग को अपना निवाला न बनाये। इस क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय पुडीर सहित विभिन्न ग्रामीणों ने आदमखोर गुलदार को तत्काल मारने की मांग की है। 

फिर आया था आदमखोर गुलदार फिर आया था आदमखोर गुलदार Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on November 09, 2019 Rating: 5
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