पहले ईओं का ट्रासफर करों! फिर बैठंेगे अध्यक्ष और पार्षद नगर पंचायत कार्यालय में

पहले ईओं का ट्रासफर करों! फिर बैठंेगे अध्यक्ष और पार्षद नगर पंचायत कार्यालय में


-नीरज कण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस
पोखरी। चमोली जिले के सबसे बड़े प्रखंड पोखरी मुख्यालय की नगर पंचायत अपने विकास कार्यों के लिए कम और विवादों के लिए अधिक प्रचारित हो रही है। पिछले लम्बे समय से यहां नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत और अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी के बीच विवाद चल रहा है। एक ही विभाग के दो जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि के बीच चल रही इस लड़ाई में स्थितियां इतनी विकट हो चली हैं कि मामला दो बार जिलाधिकारी चमोली स्वाति एस भदौरियां के पास भी पहुँच चुका है लेकिन मामला सुलझने की बजाय दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। 


नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत और नगर के 7 वार्ड़ों के पार्षदों द्वारा जिला अधिकारी स्वाति भदौरियां को एक ज्ञापन सौंपकर अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी पर विकास कार्यों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनके शीघ्र स्थानांतर की मांग की है, जब तक ऐसा न होता है अध्यक्ष और पार्षद कार्यालय में न बैठने की शपथ ले चुके हैं। ज्ञापन में उन्होंने लिखा है कि अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी द्वाराा पिछल लम्बे समय से बोर्ड बैठक में प्रस्तावित एवं स्वीकृत प्रस्तावों पर अमल नहीं किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नगर के लाभार्थियों को स्वीकृत शौचालयों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। नगर के सार्वजनिक शौचालयों की न तो देख रेख की जा रही है और न ही साफ-सफाई प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थियों का भुगतान न करने जैसे 12 बिन्दुओं का पत्र सौंपा है। पत्र की प्रतिलिपि उन्होंने सचिव शहरी विकास, निदेशक शहरी विकास को भी प्रेषित किया है। ज्ञापन देने में अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, पार्षद देवर सुषम देवी, पार्षद विशाल सोहन लाल, पार्षद देवस्थान रेखा देवी, पार्षद गुनियाला हनुमत सिंह, पार्षद पोखरी लोअर सुरजी देवी, पार्षद पोखरी अपर योगन्द्र सिंह, पार्षद विनायकधार सतेन्द्र सिंह शामिल हैं। 

ईओ और अध्यक्ष व उनकी सेना के साथ यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है इससे पहले पोखरी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी नंद राम तिवारी भी जिलाधिकारी चमोली के पास अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत के लड़के पर कार्यालय में आकर जान से मारने का आरोप लगा चुके हैं। देा दिन पूर्व भी अध्यक्ष के बेटे मयंक पंत द्वारा कार्यालय में जाकर कर्मचारियों के साथ सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत पोखरी थाने को दी थी जिसमें पोखरी थाना के सब इन्सपेक्टर नरेन्द्र कोटियाल द्वारा कार्यालय आकर मामले को शांत करवाया गया। 
अध्यक्ष और ईओ के बीच विवाद की मूल जड़े जो भी हो लेकिन पिछले एक वर्ष से चल रही इस तनातनी में नगर पंचार पोखरी का विकास जरूर प्रभावित हो रहा है। ऐसे में जिलाधिकारी स्वाति भदौरियों को इस मामले को गम्भीरता से लेना होगा और पूरे प्रकरण की जाँच कर विवाद को खत्म करना होगा। 

पहले ईओं का ट्रासफर करों! फिर बैठंेगे अध्यक्ष और पार्षद नगर पंचायत कार्यालय में पहले ईओं का ट्रासफर करों! फिर बैठंेगे अध्यक्ष और पार्षद नगर पंचायत कार्यालय में Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on November 13, 2019 Rating: 5
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