यहाँ वैकुंड चतुर्दशी को रात भर चारों पहर होता है जागरण, वन परियों के होते हैं साक्षात दर्शन

यहाँ वैकुंड चतुर्दशी को रात भर चारों पहर होता है जागरण, वन परियों के होते हैं साक्षात दर्शन 

-लक्ष्मण सिंह नेगी /केदारखण्ड एक्सप्रेस 
उखीमठ । कार्तिक स्वामी में 10 व 11 नवम्बर को वैकुष्ठ चतुर्दशी तथा कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर लगने वाले दो दिवसीय मेले की तैयारियाँ जोरों पर है । दस नवम्बर की रात्रि भर जागर कर चारों पहर आरती उतार कर तैतीस करोड़ देवी देवताओं का आवाह्न किया जायेगा तथा नि: सन्तान दम्पति रात भर हाथों में जलते दीपक जलाकर पुत्र प्राप्ति की कामन करेंगे । जानकारी देते हुए कार्तिक स्वामी मन्दिर समिति अध्यक्ष शत्रुध्न सिंह नेगी ने बताया कि 10 नवम्बर को वैकुष्ठ चतुर्दशी के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं सुबह से ही भगवान कार्तिक स्वामी की पूजा - अर्चना व जलाभिषेक करेंगे तथा साय सात बजे से अखण्ड जागरण शुरू होगा । उपाध्यक्ष बिक्रम सिंह नेगी ने बताया कि रात्रि 9 बजे , 12 बजे , 3 बजे तथा 11 नवम्बर को ब्रह्म बेला पर 6 बजे चारों पहर आरती उतार कर तैतीस करोड़ देवी - देवताओं का आवाह्न किया जायेगा । सचिव बलराम सिंह नेगी ने बताया कि रात्रि जागर में स्थानीय कलाकारों व विभिन्न गाँवो की महिला मंगल दलो से जुड़ी महिलाओं द्वारा धार्मिक भजनों की प्रस्तुति देकर क्रौच पर्वत के वातावरण को भक्तिमय बनाया जायेगा । प्रेस प्रवक्ता लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि कार्तिक स्वामी तीर्थ में लगने वाले दो दिवसीय मेले की तैयारियाँ जोरों पर है ।
यहाँ वैकुंड चतुर्दशी को रात भर चारों पहर होता है जागरण, वन परियों के होते हैं साक्षात दर्शन यहाँ वैकुंड चतुर्दशी को रात भर चारों पहर होता है जागरण, वन परियों के होते हैं साक्षात दर्शन Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on November 08, 2019 Rating: 5
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