तल्लानागपुर में शराब और धनबल से वोटरों की खरीद फरोख्त : खुल्ले आम बेतहाशा शराब के प्रचलन पर पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश

तल्लानागपुर में शराब और धनबल से वोटरों की खरीद फरोख्त : खुल्ले आम बेतहाशा शराब के प्रचलन पर पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश

-कुलदीप राणा आज़ाद /केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अब अंतिम चरण के लिए मतदान होना है  प्रत्याशियों ने कमर कसी हुई है लेकिन लोकतंत्र के सबसे छोटे इस फार्मेट में राजनीति का जो गंदलाता घालमेल दिखाई दे रहा वह न केवल सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ रहा है बल्कि स्वच्छ लोकतंत्र के लिए भी शुभ संकेत नहीं है।

भले ही कहने के लिए लोकतंत्र में जनता का राज चलता हो, लेकिन इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों ने जिस तरह का माहौल गाँव की गलियों में बना रखा है उससे एक स्वच्छ लोकतंत्र की कल्पना करना बेहद मुश्किल है। मतदाताओं को लुभाने और वोट की खरीद फरोख्त के लिए जमकर शराब और धन बल का प्रयोग किया जा रहा है, हर गांव चौराहों पर इन दिनों शराब की महफिले सजी है, विकास के मुद्दों की बजाय वोटरों को धन और शराब के जाम में डूबोने की गणित चल रही है। जिन युवाओं और ग्रामीणों ने विकास की बात करने थी, सवाल जवाब करने थे, उनकी नशों में शराब का नशा दौड़ रहा है तो ऐसे में विकास के सवाल गौण नजर आ रहे हैं। तल्लानागपुर क्षेत्र में इन दिनों प्रत्याशियों द्वारा वोटरों को जमकर शराब बाटी जा रही है, कुण्डादानकोट के दिवान लाल, चोपता में व्यापारी पंचम सिंह नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष योगम्बर कुडियाल का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के प्रति किसी भी प्रत्याशी का ध्यान नहीं है। बल्कि प्रत्याशियों ने इन दिनों क्षेत्र का माहौल पूरी तरह खराब कर रखा है। उन्होंने कहा कि शराब और धन बल के जरिए वोटरों को अपने पाले में लाने की मंशा पूरी होने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि चोपता और पूरा तल्लानागपुर क्षेत्र जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का शिकार हुआ है। पॉलीटेक्निक का निर्माणाधीन भवन वर्षों से अधर में लटका है, चोपता तुंगेश्वर इंटर कॉलेज में शिक्षकों का भारी टोटा है, स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक मिनी स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं है, सुलभ शौचालय नहीं है, तल्लानागपुर पेयजल योजना का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने इन मुद्दों पर कोई बात नहीं की।बडी बात तो यह है कि धडल्ले से शराब की पेटी की पेटी गाँवो तक पहुँच रही है लेकिन न तो पुलिस प्रशासन और न आबकारी विभाग इस प्रचलन पर अंकुश लगाने के लिए तैयार है

ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत जैसे लोकतंत्र के सबसे छोटे फार्मेट में जो गांव गलियों में इन दिनों दूषित वातावरण चल रहा है वह न केवल लोकतंत्र की मर्यादा और आदर्शो को कलंकित कर रहा है बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि आखिर चुनाव जीतने के लिए लाखों रूपये खर्च करने वाले प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद कैसे गांव और क्षेत्र का विकास करेंगें? स्वभाविक है कि वह विकास योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार करने के लिए ही राजनीति में आ रहे हैं। ऐसे में जनता को तय करना है कि स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए सत्ता की बागडोर किन हाथों में देनी है।
तल्लानागपुर में शराब और धनबल से वोटरों की खरीद फरोख्त : खुल्ले आम बेतहाशा शराब के प्रचलन पर पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश तल्लानागपुर में शराब और धनबल से वोटरों की खरीद फरोख्त : खुल्ले आम बेतहाशा शराब के प्रचलन पर पुलिस नहीं लगा पा रही अंकुश Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on October 11, 2019 Rating: 5
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