दस वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद एनआईटी का शिलान्यास : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया सरकार पर हमला

दस वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद एनआईटी का शिलान्यास : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया सरकार पर हमला


-भगवान सिंह/ केदारखण्ड एक्सप्रेस 

श्रीनगर । दस सालों के लंबे इंतजार के बाद आज सुमाड़ी व श्रीनगर की जनता की एनआईटी उत्तराखण्ड़ का स्थाई कैंपस बनाने की मांग पूरी हो गई है। सुमाड़ी गांव में राज्यपाल, मंख्यमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री ने एनआईटी उत्तराखण्ड़ के स्थाई परिसर का भूमीपूजन किया। यहाॅ 1 हजार करोड़ की लागत से 310 एकड़ भूमी पर एनआईटी कैंपस का निर्माण किया जायेगा।  लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर हमला किया है। हरीश रावत ने क्या कुछ कहा उसे भी बतायेंगे, पहले आज कुछ हुआ उसे पढिए-

राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान एनआईटी उत्तराखण्ड़ के स्थाई परिसर का 10 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भूमी पूजन हो गया है। राज्यपाल बेबी रानी मोर्य, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एनआईटी उत्तराखण्ड़ के स्थाई परिसर की आधारशिला रखी। इस अवसर पर कैबीनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, धन सिंह रावत, गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट समेत कई विधायक व बीजेपी के कद्वावर नेता मौजूद रहे। आपको बता दें की वर्ष 2009 मे प्रदेष में एनआईटी के निर्माण को स्वीकृति मिली थी। जिसके लिए सुमाडी गांव के ग्रामीणों ने 300 एकड़ से ज्यादा भूमी दान की थी। 2014 मंे तत्कालिन सीएम हरीश रावत भी एनआईटी का शिलान्यास सुमाडी मे कर चुके हैं। लेकिन 9 सालों से श्रीनगर एनआईटी का स्थाई परिसर आज तक बन कर तैयार नही हो सका। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने भी कई आंदोलन किये, जिसका ही परिणाम है कि आज विधिवत एनआईटी का भूमीपूजन किया गया।

सुमाड़ी में 1 हजार करोड़ की लागत से 310 एकड़ भूमी पर एनआईटी उत्तराखण्ड के स्थाई परिसर का निर्माण किया जायेगा। जहाॅ 1200 से अधिक छात्र पढ सकेंगे। बीते 9 सालों से एनआईटी उत्तराखण्ड़ का अस्थाई कैंपस  श्रीनगर के पालिटेक्निक मे संचालित किया जा रहा था। पिछले साल से छात्रों के स्थाई कैंपस की मांग के विरोध के चलते यहाॅ पढने वाले छात्रों को इसके सेटेलाइट परिसर एनआईटी जयपुर मे शिफ्ट किया गया। जिससे यहाॅ की जनता में खासा रोष था। गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि जल्द ही जयपुर में पढ रहे छात्रों को वापस लाया जायेगा। और जब तक एनआईटी का स्थाई कैंपस बनकर तैयार नहीं हो जाता उन्हें पालिटेक्निक व आईटीआई के भवन में अस्थाई रूप से बनाये गये कैंपस में संचालित किया जायेगा। जिसके लिए रेशम विभाग व आईटआई विभाग से वार्ता भी कर ली गई है।

इस दौरान एमएचआरडी मंत्री डा0 रमेश पोखरियाल निशंक ने स्थानीय लोगों को गढवाली में संबोधित किया। उन्होनें देश विदेश में रह रहे सुमाड़ी के ग्रामीणों को वापस गांव में आने का आग्रह किया। साथ ही उन्होनें बताया कि दो साल के भीतर एनआईटी का स्थाई कैंपस बनकर तैयार हो जायेगा। उन्होनें कहा कि सुमाड़ी में केन्द्रीय विधालय भी बनाया जायेगा। जिससे की यहाॅ व आस-पास के लोगों को बेसिक शिक्षा के लिए भी पलायन न करना पड़े।निशंक ने ये भी कहा कि अब एनआईटी के सुमाड़ी के अलावा कंही और खुलने की चर्चाओं पर भी पूर्ण विराम लग जाना चाहिये

क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने

उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी केंद्र और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में ही एनआईटी का शिलान्यास किया था और अब फिर !विकास के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिये

उत्तराखण्ड के श्रीनगर में ही अंततः एनआईटी खुलने पर मोहर तो लग गयी है और उम्मीद है कि अब कोई तीसरा शिलान्यास न करके इस प्रोजेक्ट को धरती पर उतारा जायेगा।
दस वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद एनआईटी का शिलान्यास : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया सरकार पर हमला दस वर्ष के लम्बे इंतजार के बाद एनआईटी का शिलान्यास : पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया सरकार पर हमला Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on October 19, 2019 Rating: 5
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