यहाँ फार्मेसीस्ट को नहीं आता रेबीज का इंजेक्शन लगाना

यहाँ फार्मेसीस्ट को नहीं आता रेबीज का इंजेक्शन लगाना

-भूपेन्द्र भण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। वैसे तो प्रदेश में ही स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हैं लेकिन रूद्रप्रयाग का जिक्र इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यहां अक्सर जनप्रतिनिधि और अधिकारी जिला अस्पताल में 23 में से 22 डॉक्टरों की तैनाती पर अपनी पीठ थपथपाते है, जबकि यह सबकों पता है कि पूर्ण डॉक्टर होने केे बाद भी केवल रेफर सेंटर के रूप में विकसित हो रखा है। लेकिन इसी जनपद में एक स्थिति ऐसी भी है जहां फार्मेसीस्ट को रेबीज का इंजेक्शन लगाना नहीं आ रहा है। जनपद के सबसे बडे गांव बावई में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे ही फार्मेसिस्टो के भरोसे संचालित हो रहा है, दरअसल बावई के एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुछ रोज पहले कुत्ते ने काट दिया था, पहले तो पूरे जनपद में रेबीज का इंजेक्शन नहीं मिला। जिला अस्पताल द्वारा मंगाया गया रेबीज का इंजेक्शन जब चार दिन बाद आया तो बुजुर्ग पीडित इंजेक्शन लगवाने के लिए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बावई गए, लेकिन यहां तैनात फार्मेसिस्ट रश्मि द्वारा साफ तौर पर कहा गया कि उन्हें रेबीज का इंजेक्शन ही लगाना नहीं आता है। उसके बाद उन्होंने ने पीडित व्यक्ति को दुर्गाधार स्वास्थ्य केन्द्र में भेज दिया, वहा भी स्वास्थ्य केंद्र की बजाय डॉक्टर के कमरे पर इंजेक्शन लगाया गया हैरानी की बात तो यह है कि यह तब की स्थिति है जब पीडित व्यक्ति द्वारा पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस के झा को वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया था। सवाल यह है कि जिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर करोड़ रूपयों की लागत खर्च कर ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांवों तक पहुचाया गया है, क्या वहां की व्यवस्था केवल बुखार की गोली देने वाले फार्मेसिस्टों के ही भरोसे छोडा दी जायेगा?
उधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि बावई स्थिति स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात फार्मेसिस्ट अभी ट्रेनिंग पीरियड में है इसलिए रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगा पाई।
यहाँ फार्मेसीस्ट को नहीं आता रेबीज का इंजेक्शन लगाना यहाँ फार्मेसीस्ट को नहीं आता रेबीज का इंजेक्शन लगाना Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on October 03, 2019 Rating: 5
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