भ्रष्टाचार मुक्त गाँव का संकल्प : शांति देवी भट्ट है सबसे अलग उम्मीदद्वार

भ्रष्टाचार मुक्त गाँव का संकल्प : शांति देवी भट्ट  है सबसे अलग उम्मीदद्वार

-नीरज कण्डारी/केदारखण्ड एक्सप्रेस 
रूद्रप्रयाग। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की ऐसे फौज उमड़ी है जैसे सरकारी नौकरियों के लिए बेरोजगार युवाओं की रहती है, सबसे बडी बात तो यह है कि पंचायत चुनावों के तीनों फार्मेट में ऐसे ऐसे प्रत्याशी भी उम्मीदद्वार हैं जिन्हें गांव और क्षेत्र के विकास से कोई लेना देना नहीं है। वो केवल धन बल और शराब के प्रलोभन से वोटरों को अपनी तरफ खींच रहे हैं, जातिवाद के नाम पर गांव की एकता और अखंडता में दरार डाल रहे और येन-केन-प्रकारेण सत्ता हासिल करना चाहते हैं ताकि अगले पांच साल वो खुलकर भ्रष्टाचार कर सके। लेकिन इन सबके बीच जखोली ब्लॉक के जैली-पाली गांव की शांति देवी देवी भट्ट एक ऐसी प्रधान पद की उम्मीद्वार हैं जिनका सपना केवल और केवल गांव को एक मॉडल गाँव के रूप में  नई पहचान दिलाना है।  शांति देवी का संकल्प है कि गांव स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार को खत्म कर, ग्रामीणों को वास्तविक विकास की परिभाषा से रूबरू करवाया जाय। शांति देवी इस बात से बहुत दुखी थी कि सरकार द्वारा जनता के उत्थान और चहुंमुखी विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं दी जाती हैं लेकिन सही जनप्रतिनिधि न होने के कारण वे योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाती हैं, जिस कारण गांव विकास की कतार में पिछड़ता जाता है, उन्होंने इस परिपाठी को बदलने का संकल्प लिया है और बिना किसी प्रलोभन के वे गांव की संभ्रांत जनता से अपने पक्ष में वोट की अपील कर रही हैं।
शांति देवी का कहना है कि ना तो वे शराब बांटेंगे और न ही किसी प्रकार के धन बल का प्रयोग करेंगे, मेरा तो स्पष्ट कथन है कि मैं इसी रीति को बदलने के लिए राजनीति में आई हूँ, उन्होंने कहा कि मुझे सबसे पहले विकास की नींव अपने गांव से रखनी है, और यह न तो जुमले बाजी है और न ही राजनीतिक हथकंडा, यह केवल परिवर्तन की सोच है जिसे जनता के साथ मिलकर करना है। गांव में प्रधान पद की पहली महिला उम्मीदद्वार हैं जो केवल भ्रष्टाचार को खत्म करने के नाम पर वोट मांग रही है। अब ये तो जैली गांव की  जनता को तय करना है कि वे मीट मांस, शराब और चंद रूपये बांटकर कर  अगले पांच साल करोडों का घोटाला करने वाले को वोट करते है या शांति देवी भट्ट के साथ रहती हैं जिन्होंने अगले पांच साल गांव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है।
शांति देवी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे गाँव की एकता को बनाये रखने के पक्ष में हूँ। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे  गाँवो में जातिवाद, भाई भतीजावाद के नाम पर आपसी भाई-चारा प्रेम सद्भावना और सौहार्द को न बिगाड़े। गांव की एकता रहेगी तभी गांव का वजूद जिंदा रहेगा और ग्रामीणों के साथ मिलकर विकास की नई ईबादत लिखी जायेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे चंद दिनों के प्रलोभन में आकर अपने गांव के विकास के पांच साल खराब न करें। क्योंकि सही जनप्रतिनिधि के चयन से ही अगले पांच वर्षों में गांव विकास के कीर्तिमान स्थापित कर सकता है अन्यथा वही ढाक के तीन पात।
भ्रष्टाचार मुक्त गाँव का संकल्प : शांति देवी भट्ट है सबसे अलग उम्मीदद्वार भ्रष्टाचार मुक्त गाँव का संकल्प : शांति देवी भट्ट  है सबसे अलग उम्मीदद्वार Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on October 10, 2019 Rating: 5
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