उत्तराखंड के लिए प्रेरणास्त्रोत है एप्पलमैंने इन्द्र सिंह

उत्तराखंड के लिए प्रेरणास्त्रोत है एप्पलमैंने इन्द्र सिंह
सेब के बगीचे और इनसेट में इन्द्र सिंह

-प्रिन्शा बर्त्वाल/केदारखण्ड एक्सप्रेस 
चमोली।.  जिले के जोशीमठ ब्लॉक के रोंग्पा नीती घाटी के जेलम गांव में एक ऐसा बुजुर्ग हैं जो आपको जेठ  उमस भरे दिन हो या हाथ कंपाने वाली ठंड, हमेशा सेब के बगीचों की रखवाली करते हुए मिलेगें। 74 साल के इंद्र सिंह बिष्ट को घाटी के लोग ‘एपल मैन’ के नाम से जानते है।
इंद्र सिंह की मेहनत का नतीजा है कि वह हर साल सेब बेचकर सात-आठ लाख रुपये की कमाई कर लेते है। उनसे प्रेरित होकर घाटी के अन्य लोग भी बागवानी के लिए प्रेरित हो रहे है। इंद्र सिंह को इस सेब के बगीचे को बनाने में 10 साल लगे। ये 10 साल उनके जीवन के संघर्षमय साल थे।  
आपको बता दें कि शीतकाल के दौरान जब भोटिया जनजाति के लोग अपना गांव छोड़कर चमोली जिले के निचले इलाकों मे 6 माह के लिए आ जाते है तब भी इंद्र सिंह गांव में ही डटे रहते हैं। क्योंकि शीतकाल में जंगली जानवर सेब के पेड़ों को नुकसान पहुंचाते है। इसलिए वो इस समय में भी गांव में ही रह कर बगीचे की देखरेख करते है।
उत्तराखंड के लिए प्रेरणास्त्रोत है एप्पलमैंने इन्द्र सिंह उत्तराखंड के लिए प्रेरणास्त्रोत है एप्पलमैंने इन्द्र सिंह Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on October 11, 2019 Rating: 5
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