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Monday, 23 September 2019

चुनाव स्पेशल: एक ऐसी प्रतिनिधि, जो कर रही अपने कार्यकाल में हुए कार्यों की जाँच की माँग

चुनाव स्पेशल: एक ऐसी प्रतिनिधि, जो कर रही अपने कार्यकाल में हुए कार्यों की जाँच की माँग
                      -प्रिन्शा बत्र्वाल/केदारखण्ड एक्सप्रेस
रूद्रप्रयाग। अक्सर जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों का पांच वर्षीय कायकाल और उसमें हुई धांधलियां हमेशा से एक दूसरे की प्रतिबिम्ब रहती हैं। शायद ऐसा कहीं हुआ होगा जहां विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और धांधलियां न हुई हो। लेकिन जब कभी इन धांधलियां की परत खुलने लगती हैं तो प्रतिनिधि इन पर पर्दा डालने के लिए पुरजोर कोशिसें कर देते हैं लेकिन हम आज आपको एक ऐसी जन प्रतिनिधि से रूबरू करवाते हैं जो खुद अपने कार्याकाल में हुए विकास कार्यों की जाँच की मांग कर रही है। दरअसल घिमतोली-क्यूड़ी वार्ड से निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी देवी ने जिला पंचायत सदस्य पद पर आज नामांकन करने के बाद कहा कि उनके द्वारा क्षेत्र पंचायत सदस्य रहते हुए सभी विकास कार्यों को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से सम्पादित किया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही मेरी बातें आम लोगों को राजनीतिक जुमले बाजी लगे लेकिन मेरे क्षेत्र की जनता इसकी प्रत्यक्ष गवाह हैं। लक्ष्मी देवी ने कहा कि जिसको यकीन नहीं आता है तो वे बेझिझक मेरे कार्यकाल में हुए कार्यों की जाँच करवा सकते हंै। अक्सर जनप्रतिनिधि विकासकार्यों की जाँच को लेकर पीछे रहती हैं या छुपाने की कोशिस करते हैं लेकिन मेरे कार्याकाल बेदाग रहा है, मेरे सभी काम जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जितनी भी योजनाएं मेरे क्षेत्र के लिए आई वे धरातल पर हैं, और मैं दावा करती हूँ कि अगस्त्यमुनि क्षेत्र पंचायत में उनके कार्य प्रथम स्थान पर हैं। केन्द्र सरकार द्वारा गाँवों को सशक्त बनाने के लिए जितनी भी योजनाएं आई हैं उन्हें पूरी पादर्शिता के साथ ग्रामीणों धरती पर उताया गया। इसके अलावा 400 अधिक वृद्धा, विकलांग, विधवा पेंशने भी उनके द्वारा लगाई गई हैं जबकि हर दुःख सुख में वे हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों के साथ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुनः जनता की सेवा के लिए जिला पंचायत पर चोपता वार्ड से सदस्य पद के लिए नामांकन किया है और जनता का जो आदेश होगा वह उन्हें सर्व स्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि मेरे एजेंडे में हमेशा से क्षेत्र का विकास प्राथमिकता रही है। 
अक्सर जनप्रतिनिधि अपने कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रहते हैं और जब कभी इनके कार्यों की जाँच करने की बात आती है तो वे जाँच रूकवाने के लिए सारी गणित लगा देते हैं, या फिर जाँच ही फर्जी कर देते हैं लेकिन ऐसी पहली प्रत्याशी हैं जो बेधड़क अपने कार्यों की जाँच करवाने की बात कर रही हैं। अपने कार्यों के प्रति इतनी पादर्शिता और उदार होना वाकई लोकतंत्र के लिए शुभसंकेत है और ग्रामीण राजनीति में ऐसे व्यक्तियों का पर्दापण गाँवों के विकास में मील का पत्थर साबित होना जैसा होगा।