कुपोषित न रहे कोई बच्चा अभियान शुरू, ग्रामीण स्तर पर प जिम्मेदारी की तय

कुपोषित न रहे कोई बच्चा अभियान शुरू, ग्रामीण स्तर पर प जिम्मेदारी की तय

-डैस्क केदारखण्ड एक्सप्रेस 
राष्ट्रीय पोषण मिशन के अन्तर्गत संचालित जन आन्दोलन के रूप मे मनाया जा रहे सम्पूर्ण पोषण अभियान का प्रारम्भ आज जनपद के ज्वाल्पा पैलेस से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर जनपद के 60 कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावक को पोषण किट, आंगनवाडी केन्द्रों में मानकानुसार वजन वाले 20 स्वस्थ बच्चों की फोटो भेजने वाली कार्यकत्रियों व 36 ऐसी अंागवाडी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने छेत्र में जन्मी बच्ची की सेल्फी मां व दादी के साथ भेजी थी। इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की 10 महिला मंगल दलो को दो हजार के चैक भी दिए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी, सीएमओ, डीपीओ, डीओपीआरडी सहित जनपद के अन्य अधिकारी, आशाकार्यकत्री, एएनएम, अंागनवाडी कार्यकत्रियों के द्वारा जनपद को कुपोषण मुक्त करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस अवसर पर एक्सल गु्रप,
रूद्रप्रयाग द्वारा नुक्कड नाटक व बाल विकास विभाग द्वारा वीडियो क्लिप के माध्यम से बेटियों के संरक्षण का संदेश दिया कि बेटियों को जन्म लेने व अपने जीवन जीने का अधिकार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस आंगनवाडी कार्यकत्री के द्वारा शिशुओं के जन्म से सम्बन्धित सर्वाधिक एन्ट्री की जाएगी, प्रथम को पांच व द्वितीय को ढाई हजार की राशि ईनाम में दी जाएगी। इस अवसर पर लोगों को जानकारी दी कि आवश्यकता है कि गर्भ से ही शिशु स्वस्थ पैदा हो इसके लिए आंगनवाडी व,, आशा कार्यकत्री को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा। शिशु के जन्म लेते ही पहले घण्टे के भीतर स्तनपान कराया जाए। साथ ही 06 माह तक स्तनपान कराना आवश्यक है, सातवें माह से पूरक खाने के साथ ही दो साल तक स्तनपान कराना चाहितए। जनपद के 60 अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने हेतु अधिकारियों द्वारा बच्चे गोद लिए जा रहे है।

कहा कि कुपोषण अपने साथ नई-नई बीमारियां लेकर आता है, जरूरत है केवल समय पर पौष्टिक आहार कराने की। माह अप्रैल से आतिथि तक जन्म लेने वाली बच्चियों का खाता सुकन्या समृद्वि योजना के तहत विभाग द्वारा 500 रूपये की धनराशि से खोला जाएगा।
इस अवसर पर सीएमओ डाक्टर एस के झा, डीओपीआरडी के एन गैरोला, डीपीओहिमांशु बडोला समेत समस्त आशा, आगनवाडी व एएनएम उपस्थित  थे। 
कुपोषित न रहे कोई बच्चा अभियान शुरू, ग्रामीण स्तर पर प जिम्मेदारी की तय कुपोषित न रहे कोई बच्चा अभियान शुरू, ग्रामीण स्तर पर प जिम्मेदारी की तय Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on September 12, 2019 Rating: 5
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