ई टेन्डिरिंग के खिलाफ फिर मुखर होने लगे ठेकेदार, निर्माण विभागों पर लगाया छोटे ठेकेदारों के उत्पीड़न का आरोप, मुख्य मंत्री सौंपा ज्ञापन

ई टेन्डिरिंग के खिलाफ फिर मुखर होने लगे ठेकेदार, निर्माण विभागों पर लगाया छोटे ठेकेदारों के उत्पीड़न का आरोप, मुख्य मंत्री सौंपा ज्ञापन

-केदारखण्ड एक्सप्रेस डैस्क 
रूद्रप्रयाग। जनपद में निर्माण विभागों द्वारा लगातार छोटे ठेकेदारों की उपेक्षा की जा रही है, ऐसे में ठेकेदार संघ अब फिर से मुखर होने लगे हैं और आन्दोलन की रणनीति बना रहे हैं।  ठेकेदारों का आरोप है कि निर्माण विभागों द्वारा अपने चेहतों और बाहर की बड़ी पूँजीपती कम्पनियों को ठेका देने के एवज में छोटे-छोटे कार्यों की भी ई-टेन्डिरिंग की जा रही है। ऐसे में स्थानीय ठेकेदार बेरोजगार होने के साथ ही उसके सामने रोजी-रोटी का संकट भी पैदा हो गया है।  उन्होंने कहा कि अन्य जिलों में बड़े कार्यों को छोटे-छोटे जाॅब (25 लाख से कम) के कार्यों को बिना ई-टेन्डिरिंग के आमन्त्रित किये जा रहे हंै, जिससे स्थानीय छोटे खास तौर पर डी श्रेणी के ठेकेदारों को कार्य मिल रहा है, लेकिन रूद्रप्रयाग में निर्माण विभागों द्वारा मोटे-पैंसे खाने के एवज में ई-टेन्डिरिंग के जरिए अपने चहतों को ठेके दिए जा रहे हैं। जबकि कई बार न तो समाचार पत्रों में निविदायें निकाली जाती हैं और न ही लोकल स्तर पर नोटिस बोर्डो पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। 
ठेकेदारों ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल में  प्रा0ख0 लोक निर्माण विभाग लैन्सिडोन गढ़वाल के द्वारा पहाड़ कटान के लिए 43 कार्यों के छोटी निविदायें बिना ई-टेन्डिरिंग वाली आमन्त्रित की गई है। जिसमें 43 स्थानीय  ठेकेदारों को कार्य मिला है। लेकिन रूद्रप्रयाग में पढ़े-लिखे बेरोजगार नौजवानों के पास एक मात्र ठेकेदारी ही रोजगार का सहारा था मगर विभागों द्वारा इसमें भी बेरोजगारों की रोजी-रोटी छिन रहा है। रूद्रप्रयाग जनपद में सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, वन विभाग, पेय जल निगम, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियन्त्रण, प्रधानमन्त्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग सहित राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग में जमकर धांधली हो रही है जिस कारण स्थानीय ठेकेदार भारी उपेक्षित हैं। ठेकेदारों ने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार, मुख्य सचिव, गढ़वाल आयुक्त और संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर यथाशीघ्र इस स्थिति को सुधारने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों की हितों की ऐसे ही अनंदेखी होती रही तो ठेकेदार संघ सड़कों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौपने वालों में सूरत सिंह राणा, शैलेन्द्र भारती, अजय पंवार, नागेन्द्र बिष्ट, गोविंद प्रसाद डिमरी, देवेन्द्र जग्गी, प्रदीप जग्गी, नरेन्द्र बत्र्वाल, मोहन सिंह बिष्ट, जसपाल पंवार, नागेन्द्र बत्र्वाल आदि शामिल थे।  

ई टेन्डिरिंग के खिलाफ फिर मुखर होने लगे ठेकेदार, निर्माण विभागों पर लगाया छोटे ठेकेदारों के उत्पीड़न का आरोप, मुख्य मंत्री सौंपा ज्ञापन ई टेन्डिरिंग के खिलाफ फिर मुखर होने लगे ठेकेदार, निर्माण विभागों पर लगाया छोटे ठेकेदारों के उत्पीड़न का आरोप, मुख्य मंत्री सौंपा ज्ञापन Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on September 11, 2019 Rating: 5
Powered by Blogger.