बेरहम सिस्टम के आगे दम तोड़ दिया गोपाल ने : 13 दिन से बंद सड़क के कारण डंडी से ले गये अस्पताल, लेकिन डॉक्टर न होने से चली गई जान

बेरहम सिस्टम के आगे दम तोड़ दिया गोपाल ने : 13 दिन से बंद सड़क के कारण डंडी से ले गये अस्पताल, लेकिन डॉक्टर न होने से चली गई जान 
-रघुवीर नेगी /केदारखण्ड एक्सप्रेस 
चमोली : उर्गम घाटी के गीरा-बांसा गांव  निवासी गोपाल पुत्र फते सिंह ने जोशीमठ अस्तपताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। देर रात को अचानक गले में दर्द होने की शिकायत बताई थी लेकिन सड़क मार्ग बंद होने के कारण रात को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका।  सुबह गांव के युवाओं ने कुर्सी पर 4 किमी दूर सडक पर पहुचाया गया। उर्गम घाटी में किमी 3 पर पिछे दो सप्ताह से सड़क बंद होने के कारण दूसरी छोर पर काफी देर तक जोशीमठ से आने वाली गाडी का इन्तजार करना पडा। एक डेड घंटे बाद गाड़ी पहुंची तब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जोशीमठ पहुंचाया लेकिन यहां सिस्टम की और मार मार झेलनी पडी, उर्गम घाटी में अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र की बदहाली की स्थिति में है जहां न तो डाक्टर है न कोई सुविधा केवल एक आयुर्वेद चिकित्सक एक वार्ड ब्वॉय मौजूद है। गोपाल को समय पर ईलाज न मिलने के कारण उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
तीन साल से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना में खरीदी लाखों की एम्बुलेंस आज तक अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र में नही पहुंची जो उर्गम चिकित्सालय के लिए खरीदी थी वर्तमान मे कहां सेवा दे रही है एम्बुलेंस इसका कोई पता नही 20 गांवो का चिकित्सा केवल शोपीस बना है जहा मरीज जाने में कतरा रहे हैं। लेकिन सवाल यही है कि आखिर कब  स्वास्थ्य और सडक के अभाव में लोग दम छोडते रहेंगे?
बेरहम सिस्टम के आगे दम तोड़ दिया गोपाल ने : 13 दिन से बंद सड़क के कारण डंडी से ले गये अस्पताल, लेकिन डॉक्टर न होने से चली गई जान बेरहम सिस्टम के आगे दम तोड़ दिया गोपाल ने : 13 दिन से बंद सड़क के कारण डंडी से ले गये अस्पताल, लेकिन डॉक्टर न होने से चली गई जान Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on September 18, 2019 Rating: 5
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