डंडी से पहुँचाया गर्भवती को अस्पताल

उर्गम घाटी का दर्द फिर आया सामने, डंडी से पहुँचाया गर्भवती को अस्पताल 
सड़क के अभाव में गर्भवती महिला को अस्पताल तक डंडी के जरिए
 कुछ इस तरह ले जाते ग्रामीण
चमोली। जनपद चमोली की उर्गम घाटी के ग्रामीण को आजादी के 70 सालों बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। सड़क जैसी आधाभूत सुविधा के न होने से बीमार, गर्भवती को डंडी के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ रहा है। आजादी के 70 साल बाद भी पहाड़ की ऐसी तस्वीरें हमारे योजनाकारों, नीतिनियंताओं और रानेताओं पर गम्भीर सवाल खड़े करती है। तीन वर्ष पूर्व 2016 में उर्गम घाटी के ल्यांरी देव ग्राम कल्पेश्वर के लिए मोटर मार्ग का कार्य आरम्भ किया गया किन्तु ग्रामीण बताते हैं कि पीएमजीएसवाई की घटिया लापरवाही के कारण सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है। ऐसे में इस मोटर मार्ग पर गाड़िया चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो रखा है। देव ग्राम की कोमल देवी पत्नी प्रदीप सिंह को प्रसव वेदन हुई तो सड़क की बदहाल होने के चलते उन्हें ग्रामीणों द्वारा उन्हें चार किमी दूर अस्पताल में डंडी के सहारे पहुंचाया गया। जबकि घाटी के दो दर्जन से अधिक गाँव के ग्रामीणों की नियति बनकर रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएमजीएसवाई पोखरी डिविजन द्वारा पहले हेलंग उर्गम मोटरमार्ग 12 किमी का निर्माण कार्य किया गया था जिसमें भारी अनिमिताएं बरती गई थी और मार्ग की स्थिति खतरनाक हो रखी थी जिस कारण व परिवहन विभाग से पास नहीं हो सकी। विभाग इस मोटर मार्ग को तो सही नही करवा पाया लेकिन इस विभाग द्वारा इस मोटर मार्ग से चार किमी ल्यांरी देव ग्राम कल्पेश्वर का निर्माण भी आरम्भ कर दिया गया। लेकिन दोनों सड़क की स्थिति इतनी विकट हो रखी हैं जो तस्वीरों में साफ तौर पर दिखाई दे रही है। 
चमोली जिली की उर्गम घाटी में प्रशासन के उच्चाधिकारियों का ध्यान न होने के कारण विभाग निर्माण कार्यों में भाी अनिमिताएं बरत रहे हैं जिसका खामियाजा ग्रामीणों का भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में चाहिए कि अधिकारी इन मामलों का संज्ञान ले और ऐसे भ्रष्ट विभागों और इंजीनियरों पर कड़ी कार्यावाही करे। 
डंडी से पहुँचाया गर्भवती को अस्पताल डंडी से पहुँचाया गर्भवती को अस्पताल Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on August 06, 2019 Rating: 5
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