Breaking News

Monday, 12 August 2019

एयर एंबुलेंस के लिए हम लोगो से चंदा ले लो सीएम साब

एयर एंबुलेंस के लिए हम लोगो से चंदा ले लो सीएम साहब 


-नवल खाली/स्वतंत्र लेखन 
आपको याद होगा ,कुछ माह पूर्व ही सूबे के सीएम ने कहा था कि जल्द ही एयर एम्बुलेंस शुरू होगी !!! पर सैकड़ों दिन गुजर जाने के बाद भी आजतक एयर एम्बुलेंस शुरू न हो पाई !!

पहाड़ों में सबसे ज्यादा आवश्यकता इसी एयर एम्बुलेंस की है ,क्योंकि पहाड़ों में आये दिन दुर्घटनाये  होती रहती हैं । 


अभी कुछ दिन पूर्व टिहरी में बच्चों के साथ हुए भीषण हादसे में भी बच्चों को 2 घण्टे का सफर तय करके बौराड़ी ले जाया गया ,तब जाकर एयर लिफ्ट किया गया !! जबकि सीएम पांच दिन बाद जब कल कंगसाली पहुंचे तो उनका ये हेलीकॉप्टर आसानी से सड़क पर ही उतर गया !! जब सीएम के लिए हेली सड़क पर उतारा जा सकता है तो घायलों के लिए क्यों नही ??

पहली महत्वपूर्ण बात तो यह है कि अगर राज्य सरकार के पास एयर एंबुलेंस का हेली लेने के पैंसे नही हैं तो प्रदेश के लगभग 60 लाख वोटरों से 50 पचास रुपये ले लो ,और तीस करोड़ में फिलहाल मेरे हिसाब से 10 हेलीकॉप्टर रसिया से आराम से आ जाएंगे !!
दस हेलीकॉप्टर की भी जरुरत नही है ,सिर्फ 5 ही ले लो 15 करोड़ में, बाकी 15 करोड़ में पायलट ,तेल वेल का खर्चा रख लो , वैसे भी हेली का तेल बहुत सस्ता आता है !!! 
मैं गरंटी के साथ कहता हूं एयर एंबुलेंस लेने के हेली को लेने के लिए गाँव के मनरेगा में काम कर रहा व्यक्ति भी खुशी खुशी पचास रुपये दे देगा !! 
पहाड़ के दस जिलों को पांच हेलीकॉप्टर आसानी से कवर कर सकते हैं । एक आइडिया और देता हूँ सीएम साब -- 
उन हेली का प्रयोग आप खाली टाइम में केदारनाथ में भी कर सकते हो ,तेल पाणी ,पायलेट की तनखा वहीं से निकल जाएगी , जब प्राइवेट हेली वाले मात्र दो महीने की यात्रा में बोरा भरकर रुपये ले जा सकते हैं तो राज्य सरकार क्यों नही ?? 
कई लोगो का ये भी तर्क होता है कि सरकारी चीजो की कोई कुछ वेल्यू ही नही समझता ,मेरा मानना है कि यदि ईमानदारी से मोनिटरिंग हो तो सब सम्भव है !! 
इस समय पहाड़ो के 10 जिलों के लिए मेरी चिंता है ,जहां डॉक्टर व अस्पतालों का अभाव है ,जहां मरीज देहरादून ,ऋषिकेश ,हल्द्वानी के अस्पतालों तक पहुंचने से पहले ही सफर में जान गंवा देता है ।
काश ! टिहरी हादसे के दिन भी जिला मुख्यालय में एक हेली होता तो , बच्चो को समय से ट्रीटमेंट मिल जाता !! 
फिलहाल !! आशा है आप तक ये सुझाव सोशियल मीडिया के जरिये जरूर पहुंचेगा !! जब भी पचास पचास रुपये चंदा हम लोगो को जमा करना होगा बता देना , सब लोग तैयार हैं ।
वैसे जब चंदे से आज पार्टियों के फंड में अरबों जमा हो सकता है ,ये तो फिर आम जनमानस के हितों के लिए चंदा है ,इसमें सारी पब्लिक खुलकर सपोर्ट करेगी साब ।