कटाक्ष : माननीय मंत्री हरक सिंह जी! विदेश यात्राएं तो कर ली, सीखकर क्या आए?

कटाक्ष : माननीय मंत्री हरक सिंह जी! विदेश यात्राएं तो कर ली, सीखकर क्या आए?

-रतन सिंह असवाल
उत्तराखंड, उत्तरकाशी। राज्य के वन मंत्री बड़े भैजी "डॉ हरक सिंह रावत" वन हमकमे के काबिल अधिकारी विभागीय प्रमुख जयराज के नेतृत्व मे विदेश यात्राएं करके तो आ गए लेकिन सीखकर क्या आये उसका प्रदर्शन होना अभी बाकी है।

बल भैजी यह भी किसी से छुपा नही है कि यदि पर्वत कन्दराओं के विकास योजनाओं का लाभ स्थानीय जनमानस तक पहुचाने के यत्न सरकारे करती है तो सबसे बड़ा रोड़ा भी वन महकमे के काबिल और जिम्मेदार अशिकारी ही बनते है

पोस्ट के साथ संलग्न वीडियो और छायाचित्र सीमांत जनपद उत्तरकाशी की मोरी तहसील की पंचगई ,डाटमेर, ओसला और पुरोला तहसील के सर बड़ियार क्षेत्र से है । संज्ञान लेना चाहें कि इस क्षेत्र की अधिकांश छोटी से छोटी पगडंडी,पुलियों और संपर्क मार्गो के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी आपके महकमे वन विभाग की है ।

राज्य की आपदाओं के बाद राहत-बचाव कार्य हो या आपदा के बाद नागरिक सुविधाओं ,राहत सामग्री पहुचाने से लेकर मार्ग आदि बनाकर उनकी दैनिक दिनचर्या को पटरी पा लाने की जिम्मेदारी,,,,
तो मुझे यह कहने मे कोई संकोच भी नही कि सबसे ज्यादा लापरवाह और वन कानूनों के नाम पर अड़चने उत्पन्न करने के सिवा राज्य का वन विभाग कोई रचनात्मकता दिखा पाया हो इसका उदाहरण मात्र ही शायद कोई हो तो उसका सार्वजनिक होना भी जरूरी ठैरा ...
कटाक्ष : माननीय मंत्री हरक सिंह जी! विदेश यात्राएं तो कर ली, सीखकर क्या आए? कटाक्ष : माननीय मंत्री हरक सिंह जी! विदेश यात्राएं तो कर ली, सीखकर क्या आए? Reviewed by केदारखण्ड एक्सप्रेस on August 29, 2019 Rating: 5
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